प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह की अगुवाई में न्यायिक पदाधिकारियों ने लिया संकल्प – खुद भी रहेंगे दूर, समाज को भी करेंगे जागरूक
सीवान |
तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर शनिवार को सीवान व्यवहार न्यायालय परिसर एक सार्थक और प्रेरणादायक क्षण का गवाह बना। यहां न्यायाधीशों और कर्मचारियों ने न केवल तंबाकू से दूर रहने का संकल्प लिया, बल्कि समाज को भी नशामुक्त करने की जिम्मेदारी खुद पर ली।
कार्यक्रम की अगुवाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मोतीश कुमार सिंह ने की। उनके नेतृत्व में सभी न्यायिक पदाधिकारी और कर्मचारी एकत्र हुए और सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे तंबाकू और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे, और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
नशा छोड़ने का लिया संकल्प, समाज के लिए बने मिसाल
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सभी ने हाथों में संकल्प पत्र लेकर नशामुक्त जीवन जीने का प्रण लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य था – नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ समाज की ओर कदम बढ़ाना।
प्रधान न्यायाधीश श्री सिंह ने कहा,
“न्याय व्यवस्था से जुड़े लोग अगर नशामुक्त जीवन अपनाएं, तो समाज में इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। यह कदम हमारी आने वाली पीढ़ियों को एक सही दिशा देगा।”
सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
इस कार्यक्रम में सैकड़ों न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रमुख रूप से विजय कृष्ण सिंह (एडीजे-1), मनोज कुमार (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय), संतोष कुमार, मोनिशा, उमाशंकर, प्रतिभा, राकेश कुमार पांडे, शशि भूषण कुमार, और सुनीति कुमारी, कमलेश कुमार सिंह, अजय मिश्रा, शुभम कुमार, शिवम प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे।
एडवोकेट गणेश राम ने दी जानकारी
इस आयोजन की जानकारी एडवोकेट गणेश राम उर्फ ज्ञान रत्न ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि इस संकल्प कार्यक्रम में सभी अधिकारी पूर्ण निष्ठा और उत्साह से शामिल हुए और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रतिबद्धता जताई।