लड्डुओं से तौला गया, जनता से की रिश्वतखोरी के खिलाफ खड़े होने की अपील, हर बुजुर्ग को ₹2000 पेंशन और बच्चों की फीस सरकार भरेगी – PK
सीवान।
बिहार में व्यवस्था परिवर्तन और जनशक्ति की पुनर्स्थापना को लेकर चल रही ‘बिहार बदलाव यात्रा’ शुक्रवार को सिवान जिले के दरौंदा पहुंची, जहाँ जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का भव्य स्वागत किया गया। जनसभा से पहले उन्होंने सिसवन स्थित महेंद्रनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और हसनपुरा स्थित मजार पर चादर चढ़ाकर बिहार की तरक्की की दुआ मांगी।
लड्डुओं से तौला गया PK, रास्ते भर जनसैलाब
दरौंदा में लड्डुओं से तौले गए प्रशांत किशोर का स्वागत जिले के नोनीया पट्टी बघौना, सिसवन बाजार, चैनपुर, हसनपुरा, अरजल, हरसर, महराजगंज, जिगवारा, पथेरा, कोरीगांव, मोराखास, चकबिरधी, भगवानपुर हाट जैसे अनेक इलाकों में हजारों की भीड़ ने किया। जनसभा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
जनसभा में PK का तीखा हमला – “बच्चों को लूटने वालों को वोट न दें”
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार के नेता और अफसर राशन कार्ड, जमीन की रसीद, स्कूल एडमिशन—हर चीज़ में रिश्वत लेते हैं। ये सरकार जनता को नहीं, अपने नेताओं को चलाने में लगी है।” उन्होंने जनता से अपील की कि “अगली बार लालू, नीतीश, मोदी को नहीं, अपने बच्चों के भविष्य को देखकर वोट करें। नेताओं के वादे नहीं, अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार की गारंटी पर वोट करें।”
बड़ा ऐलान – दिसंबर 2025 से बुजुर्गों को ₹2000 मासिक पेंशन, बच्चों को प्राइवेट स्कूल में मुफ्त शिक्षा
प्रशांत किशोर ने दो बड़े वादे करते हुए कहा:
“दिसंबर 2025 से 60 वर्ष से ऊपर के हर पुरुष और महिला को ₹2000 महीना पेंशन मिलेगा।”
“15 साल से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई मिलेगी, जब तक सरकारी स्कूल सुधर नहीं जाते। फीस सरकार भरेगी।”
उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़े और समाज में बराबरी के हकदार बने।
मजदूरी छोड़, सिवान में ही रोजगार दिलाने का वादा
PK ने कहा कि इस छठ के बाद सिवान के युवाओं को रोज़गार के लिए दिल्ली, पंजाब या गुजरात नहीं जाना पड़ेगा। वे यहीं काम करेंगे और यहीं कमाएंगे। “हम सरकार में आने के बाद ऐसा सिस्टम बनाएंगे कि बाहर मजदूरी करने की मजबूरी न हो।”
जनता से बोले – अब नेताओं की नहीं, जनता की सरकार चाहिए
जन सुराज अभियान के सूत्रधार ने कहा कि “अगर आप व्यवस्था बदलना चाहते हैं, तो नेताओं को नहीं, नीति और नीयत को बदलना होगा। जन सुराज कोई पार्टी नहीं, यह जनता की आवाज़ है।”