सीवान। राजस्व विभाग के कर्मचारियों की जारी हड़ताल के चलते सरकार ने आम जनता की सुविधा के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब पंचायत सचिवों को राजस्व कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि दाखिल-खारिज, एलपीसी, म्यूटेशन और वरासत जैसे जरूरी कार्य बाधित न हों।
सोमवार को इसी उद्देश्य से जिला परिषद सभागार में पंचायत सचिवों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सचिवों को राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे कार्यों को सुचारु रूप से निष्पादित कर सकें।
अब दोहरी भूमिका में पंचायत सचिव
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने जानकारी दी कि सरकार की मंशा है कि जनता को राजस्व संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। अब पंचायत सचिव न सिर्फ पंचायत स्तरीय कार्यों को देखेंगे, बल्कि राजस्व विभाग के भी कामकाज की जिम्मेदारी निभाएंगे।
लाभ: आम जनता को नहीं होगी परेशानी
इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जो जमीन से जुड़े कागजात के लिए प्रखंड और अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर थे। अब ये सेवाएं गांव के स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।